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मिर्जापुर हस्तनिर्मित दरी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित मिर्जापुर भारत में दरी की बुनाई के सबसे पुराने और महत्त्वपूर्ण केंद्रों में से एक है. पंजा दरी बुनाई प्रक्रिया और उत्कृष्ट कारीगरी के परिणामस्वरूप दरियों में पारंपरिक और आधुनिक आकृतियों का शानदार मेल सामने आता है.

कलारूप

धातु से बना पंजे की आकृति का एक उपकरण होता है जिसका स्थानीय नाम भी ‘पंजा’ है. इस उपकरण का इस्तेमाल ताने के धागों (लंबाई वाले धागों) को घिसने और बैठाने के लिए किया जाता है. इस उपकरण के इस्तेमाल की तकनीक के कारण ही बुनाई की इस शैली से निर्मित दरी का का नाम पंजा दरी है और यह शैली मिर्जापुर में लोकप्रिय है. मिर्जापुर की हस्तनिर्मित दरियों के दो प्रकार हैं – पंजा दरी और करघा दरी. ये दरियाँ ऊन और सूत से बनाई जाती हैं.

जीआई टैग

इस श्रम-प्रधान कला को 2015 में जीआई टैग प्रदान किया गया.