जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय अनुकूलन निधि

राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन अनुकूलन निधि (एनएएफसीसी) की स्थापना अगस्त 2015 में भारत के उन राज्यों और संघराज्य क्षेत्रों की जलवायु परिवर्तन अनुकूलन की लागत की पूर्ति के लिए की गई जो खास तौर पर जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभावों से ग्रस्त हो सकते हैं. सरकार ने एनएएफसीसी के लिए 2015-16 और 2016-17 हेतु रु.350 करोड़ का प्रावधान किया है और 2017-18 के लिए रु.181.5 करोड़ की आवश्यकता का अनुमान लगाया है. एनएएफसीसी के अंतर्गत परियोजनाओं में उन आवश्यकताओं की प्राथमिकता तय की जाती है जो एसएपीसीसी (राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना) के अंतर्गत और एनएपीसीसी (राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना) के संगत मिशनों के अंतर्गत चिह्नित क्षेत्रों में जलवायु अनुकूलन क्षमता निर्मित करती हैं.

क्योटो प्रोटोकोल के अंतर्गत अडाप्टेशन फंड के लिए राष्ट्रीय कार्यान्वयक संस्था (एनआईई) के रूप में नाबार्ड के साथ की गई विद्यमान व्यवस्था और पूरे देश में नाबार्ड की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने नाबार्ड को एनएएफसीसी के अंतर्गत अनुकूलन परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए भी राष्ट्रीय कार्यान्वयक संस्था (एनआईई) के रूप में नामनिर्दिष्ट किया है. इस व्यवस्था के अंतर्गत नाबार्ड राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (एसएपीसीसी) से परियोजना संकल्पनाओं की पहचान, परियोजना निर्माण, मूल्यांकन, मंजूरी, निधि के संवितरण, अनुप्रवर्तन व मूल्यांकन तथा राज्य सरकार सहित विभिन्न हितधारकों के क्षमता निर्माण से सम्बंधित कार्यों में सहयोगी की भूमिका निभाएगा.

एनएएफसीसी के लिए कार्यान्वयन दिशानिर्देश

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राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन अनुकूलन निधि के अंतर्गत मंजूर परियोजनाएँ

क्र.सं. परियोजना का नाम राज्य निष्पादक संस्था/ संस्थाएँ परियोजना परिव्यय (रु. करोड़ में)
1 पंजाब में जलवायु अनुकूलनक्षम पशुधन उत्पादन की ओर पंजाब पंजाब राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद्, पंजाब सरकार 17.40
2 नुआपाड़ा में परम्परागत आजीविका के लिए कमजोरी को कम करने और अनुकूलन क्षमता बढ़ाने के लिए नदी बेसिन में जल बहाव प्रबंधन के माध्यम से जल संरक्षण ओडिशा जल संसाधन विभाग, ओडिशा सरकार 20.00
3 जलवायु-स्मार्ट समाधानों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के सूखा-प्रवण जिले में कृषि-निर्भर ग्रामीण समुदायों की संधारणीय आजीविका हिमाचल प्रदेश पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार 20.00
4 मणिपुर के पायेंग में मॉडल कार्बन पोजिटिव इको-विलेज मणिपुर पर्यावरण निदेशालय, मणिपुर सरकार 10.00
5 मन्नार, तमिलनाडु, भारत की खाड़ी में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन तथा संधारणीय आजीविका के लिए तटीय प्राणियों और जैविक विविधता का प्रबंधन और पुनर्वसन तमिलनाडु पर्यावरण विभाग, तमिलनाडु सरकार 24.74
6 केरल की तटीय आर्द्रभूमि में कैपड और पोक्कली की समन्वित फार्मिंग प्रणाली का संवर्धन केरल जलचर पालन विकास एजेंसी (एडीएके), मात्स्यिकी विभाग, केरल सरकार 25.00
7 विस्तार, वृद्धि और मॉडलिंग के माध्यम से संधारणीय कृषि विकास मिजोरम कृषि विभाग (फसलों की खेती), मिजोरम सरकार 10.38
8 छत्तीसगढ़ में महानदी के जलग्रहण क्षेत्र से लगी आर्द्रभूमि में जलवायु अनुकूलन रणनीतियाँ छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, वन विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार 21.47
9 जम्मू और कश्मीर के वर्षा-आधारित कृषि (कांडी) क्षेत्र में जलवायु अनुकूल संधारणीय कृषि जमू और कश्मीर कृषि उत्पादन विभाग, जमू और कश्मीर सरकार 22.52
10 मेघालय के जल की कमी वाले क्षेत्रों में जलवायु-अनुकूल विकास के लिए झरनों/ सोतों के पुनर्जीवन के लिए स्प्रिंगशेड विकास मेघालय मृदा और जल संरक्षण निदेशालय, मेघालय सरकार 22.92
11 तेलंगाना के महबूबनगर जिले में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के माध्यम से जलवायु अनुकूलनक्षम कृषक परिवार तेलंगाना पर्यावरण संरक्षण प्रशिक्षण और अनुसन्धान संस्थान (ईपीटीआरआई), तेलंगाना सरकार 24.00
12 पुदुचेरी में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन के लिए 20 टैंकों और 32 ग्राम तालाबों के पुनर्जीवन के माध्यम से समन्वित भूतल जल प्रबंधन पुदुचेरी विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, पुदुचेरी सरकार 16.76
13 आंध्र प्रदेश के तटीय और शुष्क क्षेत्रों में डेयरी सेक्टर में जलवायु अनुकूलनक्षम सहयोग आंध्र प्रदेश पशुपालन विभाग, आंध्र प्रदेश सरकार 12.71
14 कर्नाटक में जलवायु परिवर्तन को देखते हुए पशुधन (मवेशी और भेड़) की देसी नस्लों का संरक्षण और प्रबंधन कर्नाटक पशुपालन विभाग और पशु चिकत्सा विभाग, कर्नाटक सरकार 24.22
15 मध्य प्रदेश के चुने हुए कमजोर जिलों में जलवायु-स्मार्ट गाँवों के विकास के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता बढाना मध्य प्रदेश राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केंद्र (एसकेएमसीसी), एपको और नगर विकास तथा पर्यावरण विभाग, मध्य प्रदेश सरकार 24.88
16 हरियाणा में जलवायु-स्मार्ट गाँवों के विकास के लिए जलवायु अनुकूलनक्षम कृषि पद्धतियों को बडे पैमाने पर करना हरियाणा कृषि विभाग, हरियाणा सरकार 22.10
17 संभावित जलवायु परिवर्तन प्रभावों के अनुकूल उपाय के रूप में दार्जिलिंग के पर्वतीय क्षेत्रों में जलसंचय और संधारणीय जलापूर्ति पश्चिम बंगाल नगरपालिका अभियांत्रिकी निदेशालय, नगर कार्य विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार 23.12
18 जैविक खेती और तालाब-आधारित मछलीपालन के माध्यम से जलवायु अनुकूल आजीविका के सृजन द्वारा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पारिस्थितिकी प्रबंधन असम काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, पर्यावरण और वन विभाग, असम सरकार 24.57
19 महाराष्ट्र राज्य के बुलढाणा और नंदुरबार जिलों के 51 गाँवों में जलवायु-अनुकूल लचीली कृषि पद्धतियों के लिए दक्षतापूर्ण जल प्रबंधन और कृषि प्रौद्योगिकी का अंगीकरण महाराष्ट्र वसुंधरा वाटरशेड विकास एजेंसी के माध्यम से जल संरक्षण विभाग, महाराष्ट्र सरकार 22.95
20 कच्छ, गुजरात में प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर समुदायों के लिए जलवायु परिवर्तन अनुकूलन गुजरात गुजरात इकोलॉजिकल एडुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन 21.36
21 सिक्किम के सूखा-प्रवण क्षेत्रों में ग्राम-पंचायत स्तर पर जल क्षेत्र की जलवायु परिवर्तन से प्रभावित होने की समस्या का निवारण सिक्किम ग्रामीण प्रबंधन और विकास विभाग, सिक्किम सरकार 24.67
22 बाँसवाड़ा जिले के अरथुना, आनंदपुरी और सज्जनगढ़ ब्लॉकों में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और जलसंचय के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान राजस्थान वाटरशेड विकास और मृदा संरक्षण विभाग, राजस्थान सरकार 24.97
23 बिहार में जलवायु-स्मार्ट गाँवों के विकास को मुख्य धारा में लाकर जलवायु-स्मार्ट कृषि को बड़े पैमाने पर ले जाना बिहार कृषि विभाग, भारत सरकार 23.06
24 उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पारिस्थितिकी सेवाओं पर आधारित जलवायु परिवर्तन अनुकूलन उत्तर प्रदेश वन और वन्यजीवन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार 19.80
25 झारखण्ड के दो भूभागों में वनों और वनाश्रित समुदायों की जलवायु अनुकूलन क्षमता बढ़ाना झारखण्ड वन विभाग, झारखण्ड सरकार 24.73
26 नागालैंड में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीति के रूप में आजीविका और खाद्य सुरक्षा संवर्धन के लिए पारंपरिक समन्वित चक्रीय खेती प्रणाली के अंतर्गत चावल की देसी किस्मों के जीन पूल का संरक्षण नागालैंड कृषि विभाग, नागालैंड सरकार 24.67
27 फसल अवशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु अनुकूलन क्षमता का निर्माण क्षेत्रीय परियोजना: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सम्बंधित राज्य सरकारों के कृषि विभाग 120.66
28 तमिलनाडु के सालेम और विरुधुनगर जिलों में वर्षा-आधारित वाटरशेडों को जलवायु रोधी बनाना तमिलनाडु तमिलनाडु वाटरशेड विकास एजेंसी, तमिलनाडु सरकार 23.80
29 कमजोर समुदायों की जलवायु अनुकूलन क्षमता और आजीविका में सुधार के लिए खराब हो चुके भूभाग को पारिस्थितिकी की प्राकृतिक अवस्था में लाना क्षेत्रीय परियोजना: तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र सम्बंधित राज्य सरकारों के वन विभाग 126.10
30 पापुम-पोमा नदी के झरनों/ सोतों के संरक्षण और पुनर्भरण के लिए नदी की जलवायु परिवर्तन से जुड़ी कमजोरी का निवारण अरुणाचल प्रदेश पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन केंद्र, राज्य जलवायु परिवर्तन कक्ष 23.92
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